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Wednesday, February 23, 2011

परदा


परदा नज़ाकत  का , परदा शर्म  का ,       
परदा संस्कारों का , परदा विचारों का ,
परदा दरवाजे का , परदा जनाज़े का ,
परदा पर्वतों का , परदा औरतों का ,
परदा आतंक का , परदा सरहदों का ,
परदा फिल्म का , परदा बुजुर्गों के इल्म का ,
सब कुछ सहेज  रखा है इस परदे ने अब तक ,
न जाने रोक पायेगा इन राज़ों को कब तक ,
सच तो ये है की और भी कुछ भयानक हो सकता था ,
कम खोया है हमने और भी कुछ खो सकता था ,














शुक्र है खुदा का जो हमारे दिमाग पर परदा डाल रखा है ,
हम बहुत समझदार हैं हमे इस गुमान मैं पाल रखा है ,
वरना आज तक न जाने कितनी बहने बेपर्दा हो चुकी होतीं ,
और अपने जर्जर अंचल को देखकर हर बार रोतीं ,
संस्कारों के एक परदे ने युवा मन को सख्ती से रोक रखा है ,
ये यकीं दिलाने के लिए की परदे पर दिखने वाला दृश्य तो बस एक धोखा है ,
औरतों मैं नजाकत का वो परदा अब बाक़ी ही ही कहाँ रहा ,


हर बार जब किसी बुज़ुर्ग ने अपनी पोती से कहा ,
बेटी जींस की जगह सूट पहन कर जाया करो ,
पोती बोली दादाजी हर बार वही पुरानी बात मत दोहराया करो ,
सूट और दुपट्टे तो अब गुज़ारे ज़माने हो गए ,
बड़े बूढों  के संस्कार न जाने किस दुनियां में खो गए ,
कल तक जो नजाकत हुआ करती थी आज वो ओल्ड फैशन हो गया ,
अब तक जिस पर भी परदा था हक़ीकत तो ये है की वो सब बेपर्दा हो गया ------------------------------------------------------------------------
  

 
 

14 comments:

  1. आपका शुक्रिया मेरे ब्लॉग पर आकर उत्साहवर्धन के लिए , आशा है आपका मार्गदर्शन यूँ ही मिलता रहेगा ...

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  2. परदे के बारे में अभिव्यक्त किये गए आपके विचार बहुत महत्वपूर्ण है ...आशा है आप अपने विचारों से यूँ ही ब्लॉग जगत को समृद्ध करती रहेंगी ...आपका आभार

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  3. कमाल ही हो आप तो ।

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  4. हकीकत कहती द्वारा बहुत सरे सन्देश दिए हैं.

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  5. परदा नज़ाकत का , परदा शर्म का ,
    परदा संस्कारों का , परदा विचारों का ,
    परदा दरवाजे का , परदा जनाज़े का ,
    परदा पर्वतों का , परदा औरतों का ,
    परदा आतंक का , परदा सरहदों का ,
    परदा फिल्म का , परदा बुजुर्गों के इल्म का ,
    सब कुछ सहेज रखा है इस परदे ने अब तक ,

    haan lekin ye parda pardanasheen ho gayee:)

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  6. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति..शुभकामनाएं

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति|धन्यवाद|

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  8. परदे के बारे में अभिव्यक्त किये गए आपके विचार बहुत महत्वपूर्ण है
    किन्तु सबसे जरूरी है शर्म का पर्दा अन्य सभी बातें बेकार हैं.
    औरतों में नजाकत की नहीं अपितु हिम्मत की जरूरत है.
    जिससे की वह इस दकियानूसी समाज का मुकाबला कर सके
    सार्थक प्रस्तुति..शुभकामनाएं

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  9. very good think but in ladkio ko kaun sudharega jeans bhee theek hai pura dhak ke to rekhata hai but uper ka duppata means parda hat gaia hai uska kaya hoga teacher mana kerte hain to students ke family wale teacher per he chadai ker court me paunch jate hain thak har ker reh jathe hain lagata hai inka nara hai ki be parda aie thee be parda rehainge and be parda chalegainge.

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  10. अब तक जिस पर भी परदा था हक़ीकत तो ये है की वो सब बेपर्दा हो गया ------------------------------------------------------------------------

    सटीक और यथार्थ को कहती अच्छी रचना

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  11. आज की हकीकत बयाँ करती सुन्दर रचना।

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  12. खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  13. बहुत खूबसूरती से बयां किया है...
    फॉलो भी कर लिया है आप भी आइए...

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