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Friday, April 15, 2011

जिये जा रहे थे



हम  अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे ,
हमें तो ये गुमा भी न था कि कोई हमें भी याद करेगा ,
हम बेवजह ही अपने दिल को दुखा रहे थे,
हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |

अब एक पल भी मुस्कुराना मुश्किल हो गया था ,
अश्कों को यूं छिपाना बमुश्किल हो गया था ,
फिर भी न जाने क्यूँ हम यूँ खिलखिला रहे थे ,
हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |

ग़म का वो एक फ़साना पन्नो में दब गया था ,
कुछ था जो अब कहीं पर सीने में चुभ गया था ,
हम तो उसी दर्द के किनारे सिये जा रहे थे ,
हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |
 
 
 
 

16 comments:

  1. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (16.04.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  2. बहुत भावमयी रचना ! बधाई एवं शुभकामनायें !

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  3. सुन्दर रचना .
    आपके ब्लॉग का लिंक 'मुशायरा' पर लगाया गया .
    आप चाहें तो आप भी इसमें शामिल हो सकती हैं .
    http://mushayera.blogspot.com/

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  4. हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
    ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |

    बेहद सुन्दर रचना.........
    शुभकामनाओं सहित....
    बधाई.....

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  5. ग़म का वो एक फ़साना पन्नो में दब गया था ,
    कुछ था जो अब कहीं पर सीने में चुभ गया था ,
    हम तो उसी दर्द के किनारे सिये जा रहे थे ,
    हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
    ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |
    waah

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  6. एक अच्छी काव्याभिव्यक्ति है.

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  7. khubsurat yehsanson ko smete ek behtrin rachna

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  8. अब एक पल भी मुस्कुराना मुश्किल हो गया था ,
    अश्कों को यूं छिपाना बमुश्किल हो गया था ,
    फिर भी न जाने क्यूँ हम यूँ खिलखिला रहे थे ,
    हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
    ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |

    कृति जी -सबसे पहले आपको बधाई दूं -आपका ब्लॉग बहुत खूबसूरत है ..!!
    बड़ी सुन्दरता से आपने उसे सजाया है ..!!
    बहुत अच्छा लगा यहाँ आकर ..आपकी रचना भी बहुत अच्छी है |भविष्य के लिए बधाई..!!

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  9. हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
    ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |
    आपके व्लाग पर पहली बार आया और सुन्दर रचना पढ़ने को मिली बधाई

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  10. हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
    ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |

    वाह क्या बात है ...आपका आभार

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  11. हम अब भी उन यादों के सहारे जिये जा रहे थे ,
    ग़म के पैमाने मुस्कुराते हुए पिए जा रहे थे |
    वाह बहुत खूब कहा है आपने ।

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  12. Waah Fantastic post, Krati You r not only a Journalist but also a good poetess...Congrats...
    Visit me also here http://atulkushwaha-resources.blogspot.com/
    Atul Kushwah

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  13. very nice
    Editor
    rahul gandhi's blog
    http://gandhi4indian.blogspot.com/

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