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Sunday, July 31, 2011

माँ मुझे तेरी बहुत याद आती है !!!


 अम्बर से देखता हूँ तो धरती पर एक ही चीज़ नज़र आती है ,
यूँ लगता है मानो वो हर बार मुझे चिढाती है ,
हर बार लगता है की अब सब सुधर जायेगा ,
इस बार मेरा अस्तित्व धरती पर नज़र आएगा, 
मैं भी माँ की गोद में खेलकर बड़ा हो जाऊँगा ,
मैं भी बस्ता लेकर स्कूल पढ़ने जाऊँगा ,
पर हर बार ये ख्वाहिश अधूरी ही रह जाती है ,
माँ मुझे तेरी बहुत याद आती है, माँ मुझे तेरी बहुत याद आती है |


बीज बन कर मै तेरे अन्दर आया था ,
मैंने भी अपना एक संसार बनाया था ,
सोचा था की बाहर आकर इस दुनिया को देखूँगा,
दोस्तों के साथ मैं भी नदी में कंकड़ फेकूंगा,
पर तूने तो मुझे बाहर आने ही न दिया ,
मेरा गला तो तूने गर्भ मे ही घोंट दिया,
मरने के बाद भी मेरी रूह को तू बहुत लुभाती है ,
माँ मुझे तेरी बहुत याद आती है,माँ मुझे तेरी बहुत याद आती है |


इस बात का गम नहीं की में इस धरती पर नहीं आया ,
गम इस बात का है की तुझे एक झलक देख भी नहीं पाया ,
पापा हर बार तुम्हारी सुन्दरता की तारीफ किया करते थे ,
मैं अन्दर से सुनता था वो हर बार यही कहा करते थे ,
फिर ऐसा क्या हुआ जो तूने मुझे मार दिया ,
मुझे मेरे सपनो को पूरा करने के लिए धरती पर आने ही नहीं दिया ,
भले ही पैदा करके तो मुझे कहीं और छोड़ आती ,
पर नौ माह के बाद एक बार मुझे कम से कम अपना चेहरा तो दिखाती ,
कैसी माँ है तू जो मुझे नौ माह अन्दर रखकर भी प्यार नहीं दे पाती है ,
 पर माँ मुझे अब भी तेरी बहुत याद आती है, मुझे तेरी बहुत याद आती है ||||

  

13 comments:

  1. माँ तो माँ होती है, किसी से तुलना नहीं हो सकती है।

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  2. बेहद मार्मिक और संवेदनशील रचना।

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  3. बहुत मार्मिक प्रस्तुति ... शायद माँ का कोई वश नहीं चला होगा

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  4. maa ne gala ghonta yaa maa ka gala ghont diya .... maa bhi to yahi kahti hogi , tu yaad aati hai

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  5. मार्मिक एवं उत्प्रेरक अभिव्यक्ति है ।

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  6. बहुत ही मार्मिक कविता।
    --------------------
    कल 01/08/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  7. कल 02/08/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!
    माफ कीजयेगा पिछले कमेन्ट मे तारीख गलत हो गयी थी

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  8. बहुत ही मार्मिक रचना ....माँ जरुर बहुत मजबूर रही होगी

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  9. This comment has been removed by the author.

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  10. बहुत ही भावनात्मक अभिवयक्ति...

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  11. माँ इस एक शब्द में सारी शक्तियाँ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाया है। बेहद मार्मिक रचना।

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  12. बहुत सुन्दर है.....
    आप भी जरुर आये मेरी छोटी सी दुनिया में
    MITRA-MADHUR: ज्ञान की कुंजी ......
    or
    http://www.neelkamalkosir.blogspot.com

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